दुष्ट न छांड़ै दुष्टता कैसैं हू सुख देतवृंदकवितादुष्ट न छांड़ै दुष्टता कैसैं हू सुख देतवृंद२ मिनट का पाठ
खल जन सों कहियै नही गूढ़ कबहुँ करि मेलवृंदकविताखल जन सों कहियै नही गूढ़ कबहुँ करि मेलवृंद२ मिनट का पाठ