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एक तैं एक लों काननि में

सवैया · लगभग २ मिनट
एक तैं एक लों काननि में रहै ढीठ सखा सब लीने कन्हाई।आवत ही हौं कहौं लों कहों कोउ कैसें सहै अति की अधिकाई।खायो दही मेरो भाजन फोर्यो न छोड़त चीर दिवावै दुहाई।रसखानि तिहारी सौं एरी जसोमति भागे मरू करि छूटन पाई॥

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