सईयां तूं है साहिब मेरा।मैं हूँ बंदा तेरा॥ टेक॥बंदा बदरा चेरा तेरा, हुकर्मी मैं बेचारा॥मीरां मिहरवांन गुसांईं, तू सितराज हमारा॥गुलामं तुम्हारा भुलांजादा, लौंडा घर का जाया॥राजिक रिजक जीव तैं दीया, हुकम तुम्हारे आया॥सादील बै हाज़िर बंदा, हुकम तुम्हारे मांही॥जब ही बुलाया तब ही आया, मैं मैवासी नांही॥ख़सम हमारा सिरजनहारा, साहिब संम्रथ साँईं॥मीरां मेरा मिहरि क्या मया करि, दादू तुम हीं तांईं॥

