छ्वै छिगुनी पहुँचौ गिलत, अति दीनता दिखाइ।बलि बावन कौ व्यौंतु सुनि, को बलि तुम्हैं पत्याइ॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+
बिकसित-नवमल्लो-कुसुम, निकसित परिमल पाइबिहारीकविताबिकसित-नवमल्लो-कुसुम, निकसित परिमल पाइबिहारी२ मिनट का पाठ