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प्रेम मारग बांको बड़ो, समुझि चढ़े कोई जानि

दोहा · लगभग २ मिनट
प्रेम मारग बांको बड़ो, समुझि चढ़े कोई जानि।ज्यों खांडो की धारि है, सतगुरु कहा बखानि॥

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