देखो री नागर नट निरतत कलिंदी-तट,गोपिन के मध्य राजै मुख की लटक।काछनी किंकनी कटि पीतांबर की चटक मटक,कुंडल किरन रवि रथ की अटक॥तत थेई तत थेई सबद सकल घट,उरप तिरप मानो पद की पटक।रास मध्य राधे-राधे मुरली में येई रट,नंददास गावै तहां निपट निकट॥

देखो री नागर नट
नंददासकवित्त · लगभग २ मिनट