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बिरहिनि रोवै रात दिन, झूरै मनहीं माहिं

दोहा · लगभग २ मिनट
बिरहिनि रोवै रात दिन, झूरै मनहीं माहिं।दादू औसर चलि गया, प्रीतम पाये नाहिं॥

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