मेरी सूचीपढ़ना शुरू करें

मेरो मनमोहना, आयो नहीं सखी री

पद · लगभग २ मिनट
मेरो मनमोहना, आयो नहीं सखी री॥कैं कहुं काज किया संतन का, कै कहुं गैल भुलावना॥कहा करूं कित जाऊं मेरी सजनी, लाग्यो है बिरह सतावना॥मीरा दासी दरसण प्यासी, हरिचरणां चित लावना॥

अब कुछ और पढ़ें