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हाशिया
कविता
आदर मान महत्व सत, बालापन को नेह
मलूकदास
दोहा · लगभग २ मिनट
आदर मान महत्व सत, बालापन को नेह।
यह चारो तबहीं गए, जबहिं कहा कछु देह॥
॥
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