माधो जू! तनिक सो बदन सदन-सोभा कों,तनिक भृकुटि पै तनिक दिठौना।तनिक लटूरी पुनि मन मोहै,मनो कमल ढिग बैठे अलि-छौना।तनिक-सी रज लागी निरखति बड़-भागी,कंठ-कठुला सोहै और बघनखना।नंददास प्रभु जसुदा-आंगन खेलैं,जाको जस गाइ गाइ मुनि भए मगना॥

माधो जू! तनिक सो बदन
नंददासपद · लगभग २ मिनट