छैल बिराणे लाख को हे अपणे काज न होइ।ताके संग सीधारतां हे, भला न कहसी कोइ।वर हीणों आपणों भलो हे, कोढी कुष्टि कोइ।जाके संग सीधारतां है, भला कहै सब लोइ।अबिनासी सूं बालवां हे, जिपसूं सांची प्रीत।मीरा कूं प्रभु मिल्या हे, ऐहि भगति की रीत॥

छैल बिराणे लाख को हे अपणे काज न होइ
मीराबाईपद · लगभग २ मिनट