जोसीड़ा ने लाख बधाई रे अब घर आये स्याम॥आज आनंद उमंगि भयो है जीव लहै सुखधाम।पांच सखी मिलि पीव परसिकैं आनंद ठामूं ठाम॥बिसरि गयो दुख निरखि पियाकूं, सुफल मनोरथ काम।मीराके सुखसागर स्वामी भवन गवन कियो राम॥

जोसीड़ा ने लाख बधाई रे अब घर आये स्याम
मीराबाईपद · लगभग २ मिनट