सज्जन मिलण समान कछु, उदै न दूजी बातउदयराज जतीकवितासज्जन मिलण समान कछु, उदै न दूजी बातउदयराज जती२ मिनट का पाठ
आछा खावै सुख सुवै, आछा पहिरे सोइउदयराज जतीकविताआछा खावै सुख सुवै, आछा पहिरे सोइउदयराज जती२ मिनट का पाठ