तुम चंदन हम इरंड बापुरे, सांगि तुमारे बासा।नीच रुख ते ऊँच भए हैं, गंध सुगंध निवासा॥माधउ सतसंगति सरने तुमारी, हम अउगुन तुम्ह उपकारी॥ रहाउ॥तुम मखतूल सुपेद सपीअल, हम बपुरे जस कीरा।सतसंगति मिलि रहीऐ माधउ, जैसे मधुप मखीरा॥जाती ओछा पाती ओछा, ओछा जनम हमारा।राजा राम की सेव न कीनी, कहि रैदास चमारा॥

तुम चंदन हम इरंड बापुरे
रैदाससबद · लगभग २ मिनट