चरनदास गुरुदेव जू, ब्रह्म-रूप सुख-धामदयाबाईकविताचरनदास गुरुदेव जू, ब्रह्म-रूप सुख-धामदयाबाई२ मिनट का पाठ
अंधे कूप जग में पड़ी, ‘दया’ करत बस आयदयाबाईकविताअंधे कूप जग में पड़ी, ‘दया’ करत बस आयदयाबाई२ मिनट का पाठ
हृदय कमल में सुरति धरि, अजपा जपै जो कोयदयाबाईकविताहृदय कमल में सुरति धरि, अजपा जपै जो कोयदयाबाई२ मिनट का पाठ