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खर्चु बढ़ो रोजी घटी, नृपति निठुर मन कीन

दोहा · लगभग २ मिनट
खर्चु बढ़ो रोजी घटी, नृपति निठुर मन कीन।रहिमन वे नर का करैं, ज्यों थोरे जल मीन॥३९॥

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