मेरी सूचीपढ़ना शुरू करें

इक लख चंदा आणि घर, सूरज कोटि मिलाइ

दोहा · लगभग २ मिनट
इक लख चंदा आणि घर, सूरज कोटि मिलाइ।दादू गुर गोबिंद बिन, तो भी तिमर न जाइ॥

अब कुछ और पढ़ें