बंक बिलोकनि है दुखमोचन दीरघ लोचन रंग भरे हैं।घूमत बारुनी पान किये जिमि झूमत आनन रंग ढरे हैं।गंडनि पै किलकै छबि कुंडल नागरि नैन बिलोकि अरे हैं।रसखानि हरैं ब्रजबालनि को मन ईषत हाँसि के पानि परे हैं॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+