‘दया’ प्रेम प्रगट्यौ तिन्हैं, तन की तनि न संभारदयाबाईकविता‘दया’ प्रेम प्रगट्यौ तिन्हैं, तन की तनि न संभारदयाबाई२ मिनट का पाठ
पद्मासन सूँ बैठ करि, अंतर दृष्टि लगावदयाबाईकवितापद्मासन सूँ बैठ करि, अंतर दृष्टि लगावदयाबाई२ मिनट का पाठ