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ममिता मेरा क्या करै, प्रेम उघाड़ीं पौलि

साखी · लगभग २ मिनट
ममिता मेरा क्या करै, प्रेम उघाड़ीं पौलि।दरसन भया दयाल का, सूल भई सुख सौड़ि॥४८॥

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