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कढ़ि न नींद भिनुसरवा, आलस पाइ

बरवै · लगभग २ मिनट

गणिका-उत्कण्ठिता

कढ़ि न नींद भिनुसरवा, आलस पाइ।धन दै मूरुख मितवा, रहल लोभाइ॥६४॥

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