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चरन छुए मस्तक छुए, तऊ न छाँड़त पानि

दोहा · लगभग २ मिनट
चरन छुए मस्तक छुए, तऊ न छाँड़त पानि।हियौ छुवत प्रभु छोंड़ि दै, कहु रहीम का जानि॥४९॥

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