किन्ने देखा कन्हया प्यारा की मुरलीवाला॥ ध्रु०॥जमुनाके नीर गंवा चरावे। खांदे कंबरिया काला॥१॥मोर मुकुट पितांबर शोभे। कुंडल झळकत हीरा॥२॥मीराके प्रभु गिरिधर नागर। चरन कमल बलहारा॥३॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+