पगीं प्रेम नंदलाल कैं, हमैं न भावत जोगमतिरामकवितापगीं प्रेम नंदलाल कैं, हमैं न भावत जोगमतिराम२ मिनट का पाठ
इतै उतै सकुचत चितै, चलत डुलावति बाँहमतिरामकविताइतै उतै सकुचत चितै, चलत डुलावति बाँहमतिराम२ मिनट का पाठ
छोड़ि नेह नंदलाल कौ, हम नहिं चाहति जोगमतिरामकविताछोड़ि नेह नंदलाल कौ, हम नहिं चाहति जोगमतिराम२ मिनट का पाठ