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पाँणीं हीं तैं पातला, धूंवाँ हीं तैं भींण

साखी · लगभग २ मिनट
पाँणीं हीं तैं पातला, धूंवाँ हीं तैं भींण।पवनाँ वेगि उतावला, सोदोसत कविरै कीन्ह॥१२॥

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