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मधुर बचन तैं जात मिट उत्तम जन अभिमान

दोहा · लगभग २ मिनट
मधुर बचन तैं जात मिट उत्तम जन अभिमान।तनिक सीत जल सौं मिटै जैसे दूध उफान॥

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