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जो समझे जा बात कौं सो तिहिँ कहै बिचार

दोहा · लगभग २ मिनट
जो समझे जा बात कौं सो तिहिँ कहै बिचार।रोग न जानै ज्योतिषी वैद्य ग्रहन कौ चार॥

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