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हाशिया
कविता
जे गरीब पर हित करैं, ते रहीम बड़ लोग
रहीम
दोहा · लगभग २ मिनट
जे गरीब पर हित करैं, ते रहीम बड़ लोग।
कहाँ सुदामा बापुरो, कृष्ण-मिताई-जोग॥६०॥
॥
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जे अनुचितकारी तिन्है, लगै अंक परिनाम
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जेहि रहीम चित आपनो, कीन्हो चतुर चकोर
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हरुए गवन नबेलिआ, डीठि बचाइ
रहीम
कविता
हरुए गवन नबेलिआ, डीठि बचाइ
रहीम
२ मिनट का पाठ
सीस नवाइ नबेलिया, निचवा जोइ
रहीम
कविता
सीस नवाइ नबेलिया, निचवा जोइ
रहीम
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गई आगि उर लाय, आगि लैन आई जु तिय
रहीम
कविता
गई आगि उर लाय, आगि लैन आई जु तिय
रहीम
२ मिनट का पाठ