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संग्रह
हाशिया
कविता
आए आपु भली करी, मेटन मान-मरोर
बिहारी
दोहा · लगभग २ मिनट
आए आपु भली करी, मेटन मान-मरोर।
दूरि करौ यह देखि है, छला छिगुनिया-छोर॥
॥
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हरि हरि! बरि बरि उठति है, करि-करि थकी उपाइ
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कहा लडैते दृग करे, परे लाल बेहाल
बिहारी
कविता
कहा लडैते दृग करे, परे लाल बेहाल
बिहारी
२ मिनट का पाठ
जेती संपति कृपन कैं, तेती सूमति जोर
बिहारी
कविता
जेती संपति कृपन कैं, तेती सूमति जोर
बिहारी
२ मिनट का पाठ
गोप अथाइनु तैं उठे, गोरज छाई गैल
बिहारी
कविता
गोप अथाइनु तैं उठे, गोरज छाई गैल
बिहारी
२ मिनट का पाठ