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लाड़िले श्री वल्लभ राजकुमार

पद · लगभग २ मिनट
लाड़िले श्री वल्लभ राजकुमार।बलि बलि जाऊं मुखारबिंद की, सुंदर अति सुकुमार॥भगवत रस मधि लोचन छाके, करुनासिंधु अपार।कहि सुबोधिनी निज जन पोषत, अमृत बचन उदगार॥निज स्वामिनी भाव निधि झलकत, निसिदिन करत बिहार।सदा करत हैं श्री गिरराज की, सेवा पुष्टि प्रकार॥इनके चरन सरन जे आए, मिटे सकल झंजार।छीतस्वामी गिरिधरन श्री विट्ठल, सकल वेद कौ सार॥

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