नामोकी बलहारी गजगणिका तारी॥ ध्रु०॥गणिका तारी अजामेळ उद्धरी। तारी गौतमकी नारी॥१॥झुटे बेर भिल्लणीके खावे। कुबजा नार उद्धारी॥२॥मीरा कहे प्रभु गिरिधर नागर। चरणकमल बलिहारी॥३॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+
राणाजी, म्हे तो गोविन्द का गुण गास्यांमीराबाईकविताराणाजी, म्हे तो गोविन्द का गुण गास्यांमीराबाई२ मिनट का पाठ