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यह देखि धतूरे के पात चवात

सवैया · लगभग २ मिनट
यह देखि धतूरे के पात चवात औ गात सो धूलि लगावत है।चहुँ ओर जटा अटकै लटके फनि सो कफनी फहरावत हैं॥रसखानि जेई चितवै चित दै तिनके दुखदुंद भजावत हैं।गज खाल कमालकी माल विसाल सो गाल वजावत आवत है॥

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