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एहि कलि पारावार महँ, परौ न पावत पार

दोहा · लगभग २ मिनट
एहि कलि पारावार महँ, परौ न पावत पार।‘झाम’ राम गुन गान तैं, बिनु प्रयास निस्तार॥

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