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अमृत ऐसे बचन में, रहिमन रिस की गाँस

दोहा · लगभग २ मिनट
अमृत ऐसे बचन में, रहिमन रिस की गाँस।जैसे मिसिरिहु में मिली, निरस बाँस की फाँस॥७॥

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