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विठ्ठलनाथ अनाथ के तारन

पद · लगभग २ मिनट
विठ्ठलनाथ अनाथ के तारन।श्रीवल्लभ-गृह प्रगट रूप यह धरयो भक्त हितकारन॥दीनबंधु कृपासिंधु सहज ही भक्त-भक्ति विस्तारन॥‘दास चतुर्भुज’ प्रभु के नित मत चलत लाल गिरिधारन॥

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