मेरी सूचीपढ़ना शुरू करें

कबीर भाठी कलाल की, बहुतक बैठे आइ

साखी · लगभग २ मिनट
कबीर भाठी कलाल की, बहुतक बैठे आइ।सिर सौपै सोई पिवै, नहीं तो पिया न जाइ॥३॥

अब कुछ और पढ़ें