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मन लागा उन मन्न सौं, गगन पहुँचा जाइ

साखी · लगभग २ मिनट
मन लागा उन मन्न सौं, गगन पहुँचा जाइ।देख्या चंद बिहूँणां, चांदिणाँ, तहाँ अलख निरंजन राइ॥१५॥

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