बक बीरबधू जुगुनू सुर चापगुलाब कविकविताबक बीरबधू जुगुनू सुर चाप
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१० रचनाएँ

बक बीरबधू जुगुनू सुर चापगुलाब कविकविता
होरी अहीर को सांवरो छैलगुलाब कविकविता
खग जात उड़े बिदिशो दिश मेंगुलाब कविकविता
बन बागन में गनजे घन हैंगुलाब कविकविता
घन घोरन घोर निशान बजैंगुलाब कविकविता
ऋतु चापन चाप लसै कर मेंगुलाब कविकविता
नीर निरंतर नारिन मांझगुलाब कविकविता
बक मारन ही दृग बारि परैगुलाब कविकविता
धुरवान धुकौ तिहि भांति गुलाबगुलाब कविकविता
धुरवा धुकि आवत भूमितऊगुलाब कविकविता