कौन जनम कहँ जाता है अरे भाई।राम छाँडि कहाँ राता है॥मैं मैं मेरी इन सौं लागी।स्वाद पतंग न सूझै आगी॥बिषिया सौं रत गरब गुमान।कुंजर काम बँधे अभिमान॥लोभ मोह मद माया फंध।ज्यौं जल मीन न चेतै अंध॥दादू यहु तन यों ही जाइ।राम बिमुख मरि गये बिलाइ॥

कौन जनम कहँ जाता है अरे भाई
दादू दयालसबद · लगभग २ मिनट