मेरी सूचीपढ़ना शुरू करें

जन सुन्दर सतसंग तें, उपजै अद्वय ज्ञान

दोहा · लगभग २ मिनट
जन सुन्दर सतसंग तें, उपजै अद्वय ज्ञान।मुक्ति होय संसय मिटै, पावै पद निर्बान॥

अब कुछ और पढ़ें