मेरी सूचीपढ़ना शुरू करें

अरी प्यारी कैं लाल लागे

पद · लगभग २ मिनट
अरी प्यारी कैं लाल लागे देन महाउर पाय।जब भरि सींकहिं चहत स्याम घन दीजै चित्र विचित्र बनाय॥रहत लुभाय चरन लखि इक टक बिबस होत रंग भरयो न जाय।नंददास खिजि कहत लाडली रहौ, रही तब पगनि दुराय॥

अब कुछ और पढ़ें