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जिन दिन देखे वे कुसुम, गई सु बीति बहार

दोहा · लगभग २ मिनट
जिन दिन देखे वे कुसुम, गई सु बीति बहार।अब अलि रही गुलाब में, अपत कँटीली डार॥

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