पौढिये परे गिरिधरन राइ।नवलनागारि कुंवरि राधिका सुहथ सेज राखी बनाइ॥नाना विधि के कुसुम मनोहर सोंधे वर वीरी बनाई।साजि सिंगार सबै ब्रज-सुंदरि अंग-अंग लावण्य बहुत भाइ॥अद्भुत रीति देखि मनमोहन आतुर व्है पगु धर्यौ थाइ।‘चतुर्भुजदास’ प्रभु गोवर्धनधर लै रसिकिनि भेंटी उर लाइ॥

पौढिये परे गिरिधरन राइ
चतुर्भुजदासपद · लगभग २ मिनट