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कितने दिन जीवन-जलनिधि में-

कविता · लगभग २ मिनट
कितने दिन जीवन-जलनिधि में-विकल अनिल से प्रेरित होकरलहरी, कूल चूमने चल करउठती-गिरती सी रुक रुक करसृजन करेगी छवि गति-विधि में!कितनी मधु-संगीत-निनादित -गाथाएँ निज ले चिर-संचिततरल तान गावेगी वंचित!पागल-सी इस पथ निरवधि में!दिनकर हिमकर तारा के दलइसके मुकुर वक्ष में निर्मलचित्र बनायेंगे निज चंचल!आशा की माधुरी अवधि में!

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