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ब्राह्मण खतरी बैस सूद रैदास जनम ते नांहि

दोहा · लगभग २ मिनट
ब्राह्मण खतरी बैस सूद रैदास जनम ते नांहि।जो चाहइ सुबरन कउ पावइ करमन मांहि॥

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