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मानस सरोवर में फूलेई रहत तूले

कवित्त · लगभग २ मिनट
मानस सरोवर में फूलेई रहत तूले,परमा परम पूरे परिमल माम के।कोट कमनीय रमनीय सुखमा के ओक,लोक सब कीवे को असोक अभिराम के॥गोकुल लखत राते अरुन उदैं लों भरे,भा ते हरे तिमिर अजान आठौं जाम के।धरु रे मोदाम मन मधुप सुजान,मकरंद भरे कंज पद गुरु गुनधाम के॥

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