सद्गुरु महिमा कहन कौं, रसना हुई न कोरि।सुन्दर क्यों करि बरनिये जो बरनिये सु थोरि॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+
बोलिये तौ तब जब बोलिवे की सुधि होइसुंदरदासकविताबोलिये तौ तब जब बोलिवे की सुधि होइसुंदरदास२ मिनट का पाठ