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और धर्म अरु कर्म करत, भव-भटक न मिटिहै

दोहा · लगभग २ मिनट
और धर्म अरु कर्म करत, भव-भटक न मिटिहै।जुगम-महाशृंखला जु, हरि-भजनन कटिहै॥

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