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महिं नभ सर पंजर कियो, रहिमन बल अवसेष

दोहा · लगभग २ मिनट
महिं नभ सर पंजर कियो, रहिमन बल अवसेष।सो अरजुन बैराट घर, रहे नारि के भेष॥१३५॥

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