मुख्य पाठ पर जाएँ
लेखक, शीर्षक, विधा, संग्रह या पाठ खोजें
Roman में लिखें, हिंदी सुझाव चुनें।
मेरी सूची
पढ़ना शुरू करें
लेखक, शीर्षक, विधा, संग्रह या पाठ खोजें
Roman में लिखें, हिंदी सुझाव चुनें।
खोजें और पढ़ें
कहानियाँ
कविताएँ
उपन्यास
निबंध
रस से पढ़ें
लेखक
संग्रह
हाशिया
कविता
पीतम छबि नैनन बसी, पर छबि कहाँ समाय
रहीम
दोहा · लगभग २ मिनट
पीतम छबि नैनन बसी, पर छबि कहाँ समाय।
भरी सराँय रहीम लखि, आपु पथिक फिरिजाय॥१११॥
॥
साझा करें
सहेजें
अ−
अ+
पिछला
पात-पात को सींचिबो, बरी-बरी को लौन
अगला
पूरुष पूजैं द्यौहरा, तिय पूजैं रघुनाथ
अब कुछ और पढ़ें
रहिमन जग की रीति, मैं देखा रस ऊख मैं
रहीम
कविता
रहिमन जग की रीति, मैं देखा रस ऊख मैं
रहीम
२ मिनट का पाठ
हरुए गवन नबेलिआ, डीठि बचाइ
रहीम
कविता
हरुए गवन नबेलिआ, डीठि बचाइ
रहीम
२ मिनट का पाठ
सोवत सब गुरु लोगवा, जानेउ बाल
रहीम
कविता
सोवत सब गुरु लोगवा, जानेउ बाल
रहीम
२ मिनट का पाठ